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महाशिवरात्रि पर 350 साल बाद बन रहे अद्भुत संयोग, दो व्रतों का एक साथ मिलेगा फल, माता लक्ष्मी भी होगी खुश

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन भगवान भोले को खुश करने के लिए शिव भक्त उनकी पूजा अर्चना करते हैं। और व्रत रखते हैं। हर शिव भक्त को इस खास दिन का प्रतिझा रहता है। इस बार महाशिवरात्रि पर कई ग्रहों का अद्भुत संयोग बन रहा है। काशी के ज्योतिष का दावा है कि ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 350 साल बाद महाशिवरात्रि पर देखा जा रहा है।

Mahashivratri 2024
महाशिवरात्रि पर 350 साल बाद बन रहे अद्भुत संयोग, दो व्रतों का एक साथ मिलेगा फल, माता लक्ष्मी भी होगी खुश

काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित ने कहा कि 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ सिद्धि योग और चतुर्ग्रही योग भी है। यानी चार ग्रह एक साथ है। कुंभ राशि पर शनि मूल त्रिकोण में बैठे हैं। इन्हीं के साथ सूर्य चंद्रमा और शुक्र भी विराजमान है। इतना ही नहीं इस दिन महाशिवरात्रि के साथ शुक्र प्रदोष व्रत भी है। ऐसे में यह अद्भुत संयोग विशेष फलदाई है। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना का कई गुना फल मिलेगा। 8 मार्च को पूरे दिन शिव योग रहेगा।

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महाशिवरात्रि व्रत के साथ शुक्र प्रदोष का व्रत भी किया जाएगा। ऐसे में इस दिन व्रत पूजा के प्रभाव से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उनकी कृपा जातको पर होती है।

इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा से धन-धान्य की प्राप्ति होगी। इसके अलावा इस दिन रोग और जीवन के कष्टो से मुक्ति के लिए भी भगवान शिव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इसके अलावा शत्रुओं के नाश के लिए इस दिन रुद्राभिषेक जरूर करना चाहिए। सिद्ध और शिव योग में ऐसा करना बेहद लाभप्रद माना जाता है